Paranormal Encounters
Ghosts, spirits and things that should not exist — but you saw them.
"...and that's why we never open the day room curtains after nine, not since before you started." Pam says it over her shoulder, already halfway out the fire door with her coat on, car keys jingling.…
0 repliesपीपल की जड़ में एक तख्ती टिकी थी। लकड़ी की, कोने से थोड़ी झुलसी हुई, जैसे किसी ने चूल्हे के पास रख दी हो। स्कूल में तख्तियाँ अब कोई नहीं लाता, बच्चे मोबाइल पे फोटो खींच के होमवर्क कर लेते हैं। फिर भी…
0 repliesनहीं, वो सियार नहीं था। ये पहले साफ़ कर दूं, क्योंकि मेरे मामा भी यही समझते हैं, और मैं उन्हें कभी टोकता नहीं। पर जो चीज़ मैंने ढाबे पर रहकर देखी, तीन साल रहा वहां... नहीं, ठीक से याद करूं तो ढाई साल…
0 repliesไม่ใช่ค่ะพี่ดีเจ หนูไม่เคยนอนเตียงนั้นเองนะคะ หนูฟังมาจากพี่แอ๋ม เพื่อนร่วมไลน์เดียวกันที่โรงงานตัดเย็บย่านอ้อมน้อย พี่แอ๋มเล่าให้ฟังตอนกินข้าวเที่ยงในโรงอาหาร เสียงจอแจอยู่รอบๆ แต่พี่เขาเล่าเบาๆ…
0 repliesनहीं साहब, मैंने कोई चूड़ी नहीं तोड़ी। ये पहली बात साफ़ कर दूँ, क्योंकि आप जब से बैठे हैं, बार-बार यही पूछ रहे हैं। चूड़ी मैंने नहीं तोड़ी, वो तो उतरते वक़्त खुद टूट गई थी। बाकी जो कुछ हुआ, वो मेरा…
0 repliesไม่ใช่ครับ ไม่ใช่ผมเจอเองนะครับพี่ดีเจ ผมไม่เคยขึ้นรถทัวร์สายนั้นสักครั้งในชีวิต คนที่เจอคือน้าเขียว น้าเขาขับรถทัวร์สายเหนือมายี่สิบกว่าปี เกษียณไปแล้ว…
0 repliesमैं सुबह से पत्तल गिन रही थी, तेरहवीं के लिए, और तीन बार गिनती बिगाड़ चुकी थी। अठारह मेहमान थे, अठारह पत्तल, फिर भी मेरा हाथ हर बार उन्नीसवीं रख देता था अलग से, जैसे कोई और भी आने वाला हो। दिमाग असल…
0 repliesनहीं भाई, तेरह नहीं थे, चौदह थे। ये बात गुरुजी वाचमैन ने खुद बताई थी, बीड़ी सुलगाते हुए, गेट के उस टूटे स्टूल पर बैठकर, जिसका एक पाया ईंट के सहारे टिका था। मैं दमोह के आदर्श हॉस्टल में उनसे मिलने गया…
0 repliesพี่ดีเจคะ หนูขอโทรมาเล่าเรื่องที่หนูเจอเองนะคะ หนูเล่นคีย์บอร์ดให้วงกลางคืนที่เล่นตามตลาดนัดแถวอำเภอ ไม่บอกชื่อวงนะคะ เดี๋ยวจะดังไปกว่านี้ ฮ่าๆ ล้อเล่นค่ะ ตลาดที่เล่นประจำมันมีเวทีเล็กๆ…
0 repliesआज सुबह मैं अपनी बेटी की चोटी बाँध रहा था और तीसरी बार रिबन उलटा बाँध दिया। वो चिल्लाई, पापा दर्द हो रहा है, और मुझे पता भी नहीं चला कब खोपड़ी में उँगली फँस गई। दिमाग उसी घर पर अटका था जो गली के…
0 repliesอันนี้เรื่องพี่ชายหนูเองค่ะ พี่ดีเจ หนูขอเล่าแบบที่พี่เขาเล่าให้ฟังนะคะ เพราะหนูไม่ได้อยู่ในเหตุการณ์ตรงๆ พี่ชายหนูขับแท็กซี่แถวรังสิต-ปทุมธานี มาสิบกว่าปีแล้ว มีสะพานกลับรถอันหนึ่งแถวคลองหลวง…
0 replies- Fiction
बरवानी मेले वाली मेहंदी
अरे रुक, यही तो मैं बता रही हूँ, सुन तो पूरी। हाँ वही मेहंदी वाली, कोने वाले स्टॉल की। याद है ना, जो पीपल के पास लगती थी हर साल मेले में, ठीक उसी पेड़ के नीचे जहां छोटू का चाचा हर साल गन्ने का जूस…
0 replies The first thing I heard was what I thought was the pallet lift, that low mechanical groan it does when the hydraulics are cold. Took me a second to place it wrong, because the lift was still switched…
0 repliesहमारे यहाँ एक ही नियम है, बाकी सब चलता है। सीट नंबर बत्तीस की टिकट कभी नहीं काटी जाती। चाहे बस खचाखच भरी हो, चाहे कोई खड़ा होकर पूरा रास्ता जाने को तैयार हो, रामलाल भैया उस सीट की तरफ़ इशारा भी नहीं…
0 repliesनियम यह है: रात की आख़िरी ट्रेन के बाद हम वेटिंग रूम की खिड़की वाली मेज़ पर एक थाली रख देते हैं। कभी चखी नहीं जाती, कभी पूछा नहीं जाता किसके लिए है। बस रख दो, ढँक दो, ताला लगाकर घर चले जाओ। यह कटनी…
0 replies- Fiction
แสงที่ลอยข้ามบ่อกุ้งเรา
...ใช่ค่ะพี่ดีเจ ลุงเชียรเป็นคนคุมปั๊มออกซิเจนบ่อกุ้งบ้านเรามาสิบกว่าปีแล้ว แกไม่เคยพักตอนสี่ทุ่มครึ่งเป๊ะๆ ทุกคืน ครอบครัวเราก็งงกันตั้งแต่ปีแรกที่จ้างแก พ่อบอกอย่าไปถามมาก…
0 replies मैं बर्तन माँज रही थी और तीसरी थाली अभी तक साबुन से भरी पड़ी थी, हाथ चल रहे थे पर दिमाग दरवाज़े पर अटका था। रात के साढ़े नौ बजे थे, खाना खत्म हुए बीस मिनट भी नहीं हुए थे — या शायद पंद्रह ही हुए थे,…
0 replies- Fiction
ข้าวที่เสาใต้ถุนบ้านเรา
เสียงแรกที่แม่ได้ยินคืนนั้น แกนึกว่าหมาจรจัดมาลับเล็บที่เสาบ้าน เสียงมันครูดๆ เบาๆ อยู่ใต้ถุน ห่างกันเป็นจังหวะเหมือนเล็บถูกับไม้เก่า พอแกลุกไปส่องไฟฉาย หมาไม่มีสักตัว…
0 replies We were wrapping the good plates in newspaper, badly. Sue kept using yesterday's paper, the wet bit from where the milk had leaked, and half the sheets came apart in your hand before you'd got the…
0 repliesहमने पहले ही रात को गिनती शुरू कर दी थी, पर तब तक हमें नहीं पता था कि किस चीज़ की गिनती हो रही है। निशा की शादी को तीन महीने हुए थे, या शायद साढ़े तीन, अम्मा को ठीक याद नहीं रहता ऐसी बातें। गर्मी में…
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