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- เรื่องแต่ง
पंडित जी की कैसेट
नहीं, मैंने टेप रिवाइंड नहीं किया। कसम से, मैं टेबल से हिला तक नहीं था, फिर भी वो शब्द दोबारा बज गया। रात के साढ़े नौ बजे। सतना के जयस्तंभ चौक के पीछे वाली गली में पंडित रामकिशोर जी की संस्कृत ट्यूशन…
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