แท็ก: मध्य-प्रदेश
नहीं साहब, मैंने कोई चूड़ी नहीं तोड़ी। ये पहली बात साफ़ कर दूँ, क्योंकि आप जब से बैठे हैं, बार-बार यही पूछ रहे हैं। चूड़ी मैंने नहीं तोड़ी, वो तो उतरते वक़्त खुद टूट गई थी। बाकी जो कुछ हुआ, वो मेरा…
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इमलीपुरा में तेरहवीं की उन्नीसवीं पत्तल
मैं सुबह से पत्तल गिन रही थी, तेरहवीं के लिए, और तीन बार गिनती बिगाड़ चुकी थी। अठारह मेहमान थे, अठारह पत्तल, फिर भी मेरा हाथ हर बार उन्नीसवीं रख देता था अलग से, जैसे कोई और भी आने वाला हो। दिमाग असल…
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सिवनी हाईवे पर वो चीज़ भूत नहीं थी
नहीं, वो भूत नहीं था। ये बात राजू अंकल ने पहले ही साफ़ कर दी थी, चाय का गिलास टेबल पे पटकते हुए। मैं सिवनी से नागपुर जाने वाली हाईवे के ढाबे पे रुका था, रात के करीब ग्यारह बजे होंगे, बस का इंतज़ार…
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सीढ़ी पर सिर्फ ऊपर जाने के निशान
मीरा ने सीढ़ी के तीसरे डंडे पर पानी की बूंद देखी, फिर चौथे पर, फिर पाँचवें पर। हर बूंद के इर्द-गिर्द साड़ी के पल्लू जैसा गीला घेरा था, पंजे का निशान साफ़, पर एड़ी का निशान कहीं नहीं। जैसे कोई सिर्फ…
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