แท็ก: चुड़ैल
नहीं साहब, मैंने कोई चूड़ी नहीं तोड़ी। ये पहली बात साफ़ कर दूँ, क्योंकि आप जब से बैठे हैं, बार-बार यही पूछ रहे हैं। चूड़ी मैंने नहीं तोड़ी, वो तो उतरते वक़्त खुद टूट गई थी। बाकी जो कुछ हुआ, वो मेरा…
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इटारसी स्टेशन से आख़िरी ऑटो
रमेश की ऑटो की पिछली सीट पर एक पायल पड़ी थी। सोने जैसी चमक, घुंघरू नीचे की तरफ़ दबे हुए, जैसे किसी ने जानबूझकर उलटा रखा हो। हाथ बढ़ाकर छुआ तो घुंघरू नहीं बजे, एक भी नहीं। रमेश ने सोचा किसी सवारी की…
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