แท็ก: दर्ज़ी
- เรื่องแต่ง
कानपुर की कमला दर्ज़ी और वो एक इंच
मैं आज तक किसी दर्ज़ी के पास दूसरी बार अकेले फिटिंग के लिए नहीं जाती। पहली बार जाओ, नाप दो, बात खत्म। दूसरी बार जाना पड़े तो साथ में कोई और लड़की ज़रूर हो, चाहे ननद हो या पड़ोस की छोरी। ये नियम मेरी…
0 ความคิดเห็น
