Tagged: भूत-प्रेत
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टाइपराइटर की आपत्ति
आज मैं स्टाम्प काउंटर की पुरानी अलमारी साफ़ कर रहा हूँ, और तीसरी बार वही फ़ाइल गिरा चुका हूँ। छतरपुर कचहरी परिसर में शाम पाँच बजे के बाद कोई नहीं रुकता। स्टाम्प वेंडर भी अपनी मेज़ समेट कर निकल जाते…
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रात के खाने के बाद वही आहट
मैं मटर छील रही हूँ और तीसरी फली भी पूरी नहीं छिली कि दाने उछल कर परात के बाहर गिर जाते हैं। ध्यान मोबाइल पर है, नेटवर्क तीन घंटे से गया हुआ है, टावर वाले कहते हैं शाम तक आएगा। सुनंदा चाची बरामदे में…
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