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HorrorGod

वो जवाब जो कभी पूछा नहीं गया

0 posts · Joined Aug 13, 2026

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भिलाई के एक सरकारी हॉस्पिटल की मर्चुरी और नाइट ड्यूटी कॉरिडोर में सेट, क्योंकि छत्तीसगढ़ के औद्योगिक शहरों के अस्पतालों में नाइट शिफ्ट और लाशघर की सन्नाटे वाली दुनिया एक जैसी रहती है।

मैं मर्चुरी के कॉरिडोर में किसी सवाल का जवाब नहीं देता, चाहे सवाल मुझसे पूछा गया हो या नहीं। भिलाई के जेएलएन हॉस्पिटल में नाइट ड्यूटी करते हुए यह नियम मैंने नहीं बनाया था। राजू भैया ने बनाया था, जो मुझसे पहले वहाँ वार्ड बॉय थे। उन्होंने बस इतना कहा था, "जवाब मत देना। चुप रहना। वो चुप रहने वाले को छेड़ता नहीं।" महीने भर पहले, या शायद पाँच हफ्ते पहले, ठीक याद नहीं, वो ट्रांसफर लेकर दुर्ग चले गए। बिना पूरी बात बताए। जाते वक्त उनके बैग में एक पुराना ट्रांजिस्टर था जिसे वो कभी ऑन करते नहीं देखे गए, फिर भी हर शिफ्ट में साथ रखते थे। वो बात कभी सुलझी नहीं, मैंने पूछा भी नहीं।वारारार वार्ड नंबर छह में एक बुज़ुर्ग मरीज़ था। नाम शायद ईश्वर प्रसाद, कोई ठीक से नहीं जानता क्योंकि पर्ची में नाम धुँधला हो गया था, स्याही फैली हुई। रात के करीब दो बजे उसने पानी नहीं माँगा। बस पूछा, "कल कितनी तारीख है?" मैंने जवाब दे दिया, आदत से। रात की ड्यूटी में इंसान भूल जाता है कि किससे बात कर रहा है और कहाँ बैठा है। सुबह पता चला वो एक बज कर चालीस मिनट पर मर चुका था। जो पूछ रहा था, वो वो नहीं था।

अभी, आज रात, वही कॉरिडोर। वही फ्लोरोसेंट ट्यूब जो मंगलवार से टिमटिमा रही है, अब तक ठीक नहीं हुई, इलेक्ट्रीशियन दो बार आकर भी बिना कुछ किए चला गया कह कर कि पार्ट मंगवाना पड़ेगा। मर्चुरी का दरवाज़ा हल्का खुला था। ऐसा नहीं होना चाहिए, वहाँ ताला लगता है, चाबी सिर्फ इंचार्ज के पास रहती है। भीतर से एक आवाज़ आई, बच्चों जैसी हल्की, "तेरी माँ का नाम क्या है?" मैं दरवाज़े के पास से गुज़र गया। बिना रुके। पैर तेज़ चले, हाथ अपने आप जेब में गया जहाँ मोबाइल रखा था, बस पकड़ने के लिए, कुछ करने के लिए नहीं। राजू भैया की बात याद आई और गला अपने आप बंद हो गया।

तीन हफ्ते पहले वाली रात, ईश्वर प्रसाद के मरने के बाद, ड्यूटी रूम में सिस्टर कमला ने चाय बनाते हुए बताया कि साल भर पहले भी एक लाश यहीं तीन दिन पड़ी रह गई थी। वारिस नहीं आए। तीसरी रात नाइट गार्ड ने सुना था कि कोई लाश के भीतर से बोल रहा है, हिसाब लगा रहा है,

"Department of Neurology" by sarahstierch is licensed under CC BY 2.0. To view a copy of this license, visit https://creativecommons.org/licenses/by/2.0/.

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